गुजरात दंगों के दौरान दंगों की विभीषिका बयान करता यह फोटोग्राफ देश-विदेश के मीडिया में छाया रहा। एक वर्ग-विशेष के आलोचकों ने इस फोटो के आधार पर गुजरात सरकार की भूमिका पर कई सवालिया निशान लगाए। यही प्रसिद्धि इसमें दर्शाए युवक की परेशानी का सबब बन गई और फोटो में दया की गुहार लगाता यह युवक आज भी दर-दर भटकने को मजबूर है।

अहमदाबाद। 2002 के गुजरात दंगों के शिकार कुतुबुद्दीन नसरूद्दीन अंसारी की जिंदगी नर्क बन चुकी है। उसका बुरा हाल करने में वे एनजीओ भी शामिल हैं जो दंगा पीडितों को इंसाफ दिलाने के लिए मुहिम चला रहे हैं। जिस समय दंगे हुए थे तब कई समाचार पत्रों ने अंसारी का "हाथ जोड़े" फोटो छापा था।

गुजरात दंगों को 10 साल हो चुके हैं लेकिन अभी भी लोग उस फोटो को भुनाने से नहीं चूक रहे। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म चेन्नई एक्सप्रेस में उनके उसी फोटो को दिखाया गया। फिल्म में मशहूर टेनिस प्लेयर लिएंडर पेस और जिमी शेरगिल ने प्रमुख भूमिका निभाई थी।

अंसारी का कहना है कि लोग अपने फायदे के लिए मेरे फोटो का उपयोग करते हैं। दंगों के कई साल बाद भी मुझे चैन नहीं है। लोगों ने मेरी शांति को नष्ट कर दिया है। मैंने जिंदगी में आगे बढ़ने की कोशिश की लेकिन कहीं न कहीं, कोई न कोई मेरा फोटो दिखाकर मुझे फिर पीछे मुड़कर देखने के लिए मजबूर करता है।

अंसारी ने खुद को कलंक के रूप में पेश करने को लेकर फिल्म निर्माताओं को कानूनी नोटिस भी भेजा है। 38 साल के अंसारी खुद की तस्वीर को बार बार दिखाने से तंग आ चुका है। उसका कहना है कि मुझे दया के पात्र के रूप में दिखाया जाता है। मैं अपनी प्लास्टिक सर्जरी करवाना चाहता हूं ताकि लोग मुझे नहीं पहचान सके।

अंसारी फिलहाल अहमदाबाद में रहता है। वह टेलर का काम करता है। उसने कहा कि मेहरबानी करके यह मत बताएं कि मैं किस इलाके में रहता हूं। दंगों के बाद अंसारी मालेगांव चला गया था। वहां उसने टेलर का काम शुरू किया। एक दिन एक व्यक्ति ने समाचार पत्र में मेरा फोटो देख लिया। उसने मेरे मालिक को मेरी पहचान बता दी। मालिक ने मुझे नौकरी से निकाल दिया। मालिक ने कहा कि वह कोई विवाद नहीं चाहते।

इसके बाद अंसारी कोलकाता चला गया। वहां भी उसे चैन नहीं मिला। जब भी गुजरात दंगों का जिक्र होता मेरा फोटो छाप दिया जाता। इसके बाद मैं फिर अहमदाबाद लौट आया। वहां एक फैक्ट्री में काम मिल गया था लेकिन एक एनजीओ ने गुजरात दंगों की वर्षगांठ मनाने के लिए अपने पोस्टर में मेरे फोटो को यूज किया। फिर मेरी पहचान उजागर हो गई और फैक्ट्री मालिक ने मुझे नौकरी से निकाल दिया।